अचलराम भजन
गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु महेश्वर गुरु परब्रह्म अपार | संत अचलराम जी भजन अर्थ और संतमत विचार
कभी-कभी कोई भजन केवल गाया नहीं जाता, बल्कि भीतर उतरकर साधक को उसकी अपनी यात्रा का स्मरण करा देता …
कभी-कभी कोई भजन केवल गाया नहीं जाता, बल्कि भीतर उतरकर साधक को उसकी अपनी यात्रा का स्मरण करा देता …
कई बार जीवन में ऐसी घड़ी आती है जब बाहर से सब कुछ ठीक दिखाई देता है, लेकिन भीतर एक अनकही बेचैनी बनी…
।।गुरु गीता का प्रसिद्ध श्लोक।। ब्रह्मानन्दं परमसुखदं केवलं ज्ञानमूर्तिम्। द्वन्द्वातीतं गगनसदृशं तत्त्वमस्या…
कुछ भजन ऐसे होते हैं जिन्हें हम सुनते हैं, गुनगुनाते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन कुछ भजन ऐसे भी …
।।गुरु कृपा स्तुति।। यस्य देवे परा भक्तिः यथा देवे तथा गुरौ। तस्यैते कथिता ह्यर्थाः प्रकाशन्ते महात्मनः॥ ।। G…
।।गुरु चरण वंदना।। वन्दे गुरूणां चरणारविन्दे सन्दर्शित स्वात्म सुखावबोधे। निःश्रेयसे जाङ्गलिकायमाने संसार हाल…
गाँव के मेले में एक बार एक बुजुर्ग साधक बैठे थे। उनके चेहरे पर कोई विशेष भाव नहीं था — न तो कोई …